Vijay Tambe 's Articles on AI
AI और हम — एक सामाजिक पड़ताल
Media Swaraj
लेख श्रृंखला
दुनिया भर में Artificial Intelligence यानी AI की चर्चा है। TV चैनल, अखबार, social media — हर जगह AI के बारे में कुछ न कुछ आ रहा है। लेकिन यह चर्चा ज्यादातर technology के चमत्कार तक सीमित है। असली सवाल कोई नहीं पूछ रहा।
यह AI किसके हित में काम कर रहा है? इसे कौन control करता है? इसके पीछे किसका पैसा है? और सबसे जरूरी — आम इंसान के जीवन पर इसका क्या असर पड़ने वाला है?
इन्हीं सवालों की पड़ताल करती है यह नौ-भागीय लेख श्रृंखला। इसे लिखा है वर्धा के सेवाग्राम आश्रम के सचिव और जाने- माने सामाजिक कार्यकर्ता , साहित्यकार विजय तांबे ने।
विजय तांबे मराठी के वरिष्ठ लेखक हैं। उनके चार कथासग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। प्रसिद्ध नासक विचारक गोरा की किताब An Atheist with Gandhi का मराठी अनुवाद भी उन्होंने किया है। पिछले कई वर्षों से वे चौथी औद्योगिक क्रांति और AI के सामाजिक परिणामों का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। गांधीजी की कर्मभूमि सेवाग्राम से यह आवाज़ उठ रही है — यह अपने आप में एक संदेश है।
यह श्रृंखला न किसी technology के अंध-विरोध में है, न किसी के प्रचार में। यह एक Gandhian सामाजिक कार्यकर्ता की खुली आखों से की गई ईमानदार पड़ताल है।
भाग 1: Science और Technology का फर्क — और AI की असली चुनौती
https://mediaswaraj.com/science-technology-difference-ai-challenge/
भाग 2: क्या AI सिर्फ एक और कंप्यूटर प्रोग्राम है? नहीं।
https://mediaswaraj.com/slug-programming-vs-ai-neural-network-explained/
भाग 3: AI और रोजगार — विकास या Jobless Growth?
https://mediaswaraj.com/ai-employment-jobless-growth-india/
भाग 4: AI और विषमता — क्या तकनीक असमानता बढ़ा रही है
https://mediaswaraj.com/slug-ai-economic-inequality-india-hindi/
भाग पाँच : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना. क्या हमारा दिमाग़ जंग खा रहा है?
भाग 6: AI और राजनीति — मन बदलने की मशीन
भाग 7- AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव कल्याण
भाग 8 -AI और यूनिवर्सल बेसिक इनकम UBI: बेरोजगारी का समाधान या नया संकट?
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